नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीमा तनाव के बीच विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने शुक्रवार को जोर दिया कि भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ता के साथ प्रतिबद्ध हैं और इस पर कायम रहेगा. श्रृंगला ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि इस ‘संकट’ के कठिन क्षणों में भी भारत, चीन के साथ संवाद और सम्पर्क बनाये हुए हैं.

उन्होंने इंडियन काउंसिल आफ वर्ल्ड अफेयर्स (आईसीडब्ल्यूए) के एक वेबिनार में कहा, ”महामारी हमें सम्पर्क बनाये रखने से नहीं रोक सका. हमने डिजिटल माध्यम का उपयोग किया, हमने टेलीफोन का उपयोग किया, हमने नई दिल्ली और बीजिंग के बीच सीधे राजनयिक सम्पर्क का उपयोग किया और हम एक दूसरे से इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा, ”हम अपनी क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ता के साथ प्रतिबद्ध हैं और नहीं डिगेंगे. हम दृढ़ और संकल्पबद्ध रहेंगे. इसके साथ ही हम लंबित मुद्दों का बातचीत से समाधान निकालने के लिये तैयार हैं.” कोविड-19 महामारी के बीच भारत को पेश आई चुनौतियों के संदर्भ में विदेश सचिव ने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति का भी जिक्र किया.

श्रृंगला ने कहा, ”यह कई दशकों में पेश आई सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है जिसका सामना कर रहे हैं. मैं समझता हूं कि पिछले 40 वर्षो में हमने इस सीमा पर जीवन के किसी नुकसान का सामना नहीं किया, हमने हाल के वर्षो में इस स्तर के बलों के जमावड़े को नहीं देखा, हमें इस पर ध्यान देना होगा.”

गौरतलब है कि भारत और चीन क बीच 15 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष के बाद स्थिति खराब हुई जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए. इस संघर्ष में चीन की ओर से भी मौतें हुई लेकिन उसने अभी तक ब्यौरा नहीं दिया है. अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, इसमें चीनी पक्ष से 35 मौतें हुई.

ये भी पढ़ें:

बड़ी खबर: सीमा पर तनाव के बीच चीन के रक्षा मंत्री से मिले राजनाथ सिंह

BSF के महानिदेशक राकेश अस्थाना ने जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा किया, सुरक्षा स्थिति का लिया जायजा



Source link

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Translate to