ताबूत आम तौर पर मृतकों के लिए होता है. लेकिन जकार्ता में उसका इस्तेमाल जीवित लोगों के लिए किया जा रहा है. यहां फेस मास्क नहीं पहनने पर लोगों को ताबूत में लिटाया जा रहा है. कोरोना संक्रमण पर रोकथाम की कवायद के बीच विवादस्पद नियम काफी विचित्र है. लेकिन सरकार की मंशा फेस मास्क नियम का उल्लंघन करनेवाले को संभावित खतरे का एहसास कराना है.

फेस मास्क नहीं पहनने पर ये कैसी सजा?

इंडोनेशिया में ताबूत में रहने की सजा का नियम अगले कुछ दिनों तक लागू रहेगा. सरकार ने कहा है कि सुरक्षा उपायों के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए उसे ये कदम उठाना पड़ा है. इंडोनेशिया में स्थानीय मीडिया का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करनेवालों को सजा के तौर पर ताबूत में लेटना, आर्थिक दंड या सामाजिक सेवा करने का विकल्प दिया गया है. सजा की रकम अदा नहीं करनेवालों को या तो ताबूत में लेटना होगा या फिर सामुदायिक सेवा करनी होगी. सामुदायिक सेवा के तहत उन्हें एक घंटे का काम करना होगा.

जुर्माना भरो नहीं तो लेटना होगा ताबूत में

पूर्वी जकार्ता के पसर रेबो में बिना मास्क के कई लोगों को पकड़ा गया था. गुरुवार को उन्हें एक मिनट तक ताबूत में रहने को कहा गया. ताबूत में लेटने की सजा की नियम का विचार पहली बार दुनिया के सामने आया है. जिसके जरिए फेस मास्क के प्रति लोगों के रुजहान का पता लगाया जा रहा है. पूर्वी जकार्ता के आदेश के मुताबिक उसे उम्मीद है कि आर्थिक दंड और सामुदायिक काम करने की सजा काफी होगी. जिससे लोग कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए नियमों का पालन कर सकेंगे.

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