नई दिल्ली: किंग्स इलेवन पंजाब के सह मालिक नेस वाडिया ने गुरूवार को कहा कि चेन्नई सुपरकिंग्स दल में आये कोविड-19 पॉजिटिव मामले आठ में से किसी भी फ्रेंचाइजी में आ सकते थे और वह चाहते हैं कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) बायो-बबल में केवल वही लोग होने चाहिए जिनका खिलाड़ियों के साथ होना ‘सचमुच जरूरी’ हो.

चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) दल के दो खिलाड़ियों सहित 13 सदस्यों को पिछले हफ्ते वारयस के लिए पॉजिटिव पाया गया, जिससे महामारी के बीच संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले टूर्नामेंट के लिये सुरक्षा चिंतायें बढ़ गयी हैं.

वाडिया ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘सीएसके घटना ने हमें बताया कि यह किसी के साथ भी हो सकता है, जबकि सभी एहतियात बरते जा रहे हैं इसलिये हमें बायो-बबल प्रोटोकॉल का और अच्छी तरह सख्ती से पालन करना चाहिए. हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि केवल वे ही बबल का हिस्सा हों जिनका खिलाड़ियों के साथ होना सचमुच जरूरी है. ’’

फ्रेंचाइजी के गैर खिलाड़ी और गैर कोचिंग स्टाफ में टीम परिचालन प्रबंधक और सोशल मीडिया विशेषज्ञ शामिल हैं. फोटो शूट के दौरान क्रिकेटरों को मार्केंटिंग स्टाफ के साथ भी समय बिताना पड़ता है जो 19 सितंबर से शुरू हो रही लीग के करीब ही होंगे.

टीमों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मालिकों को भी बायो-बबल में प्रवेश की अनुमति है, इनमें से ज्यादातर यूएई नहीं पहुंचे हैं लेकिन मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) उल्लंघन के कारण उन्हें भी सात दिन के पृथकवास में जाना पड़ सकता है.

बीसीसीआई एसओपी के अनुसार, ‘‘टीमों के बाहर के स्टाफ की संख्या, सहयोगी स्टाफ और मैच अधिकारियों की संख्या को न्यूनतम तक सीमित रखना चाहिए. ’’

जब उनसे पूछा गया कि वे टूर्नामेंट के लिये जायेंगे तो वाडिया ने कहा, ‘‘मैंने अभी फैसला नहीं किया है लेकिन मैं सामान्य रूप से ज्यादा खिलाड़ियों से बातचीत नहीं करता. मैंने अभी तक अनिल कुंबले (मुख्य कोच) से दो बार बात की है कि क्या चल रहा है. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं जूम या अन्य किसी ऑनलाइन मंच पर बात करने में ज्यादा सहज हूं. ’’

वाडिया ने कहा कि सीएसके में पॉजिटिव मामले आने से चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि यूरोपीय फुटबॉल लीग प्रतियोगिता में भी बहाली के बाद कोविड-19 पॉजिटिव मामले सामने आये थे. यहां तक कि एनबीए खिलाड़ी भी कोविड-19 पॉजिटिव आये हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘बीसीसीआई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रोटोकॉल लगायी है. अगर आप फुटबॉल लीग को देखो तो शुरू में मामले सामने आये और फिर सबसे ज्यादा एहतियात बरती गयी. मुझे नहीं लगता कि लोगों को बिलकुल भी चिंता करने की जरूरत है. जैसे हम आगे बढ़ेंगे चीजें बेहतर होंगी.’’



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