इस्लामाबादः पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में सुनवाई करते हुए इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को भारत को कुलभूषण के लिए वकील नियुक्त करने का दूसरा मौका दिया. हाईकोर्ट ने भारत और जाधव को सुविधा प्रदान करने के संदर्भ में अदालत के समक्ष अपने संबंधित रुख को स्पष्ट करने का अवसर दिया है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट (आईसीजे) के फैसले के अनुरूप है.

मामले की सुनवाई कर रही इस्लामाबाद हाईकोर्ट की पीठ में मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनाल्लाह, न्यायमूर्ति आमेर फारूक और न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगजैद शामिल रहे. पीठ ने आदेश देते हुए कहा कि किसी भी संदेह को दूर करने और निष्पक्ष ट्रायल की आवश्यकताओं को सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरा अवसर दिए जाने की जरूरत है.

अदालत ने अपने आदेश में कहा, “किसी भी संदेह को दूर करने के लिए और निष्पक्ष ट्रायल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, हमें लगता है कि भारत सरकार को एक और अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि वह उचित उपाय करने पर विचार कर सके और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के फैसले का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके.”

पीठ ने कहा, “कमांडर जाधव को यह आश्वासन देना भी महत्वपूर्ण है कि उनके अधिकारों, विशेष रूप से एक निष्पक्ष ट्रायल का अधिकार और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय के सार्थक अनुपालन के लिए एक प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार एक अभिन्न कारक है.”

अदालत ने पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आदेश की एक प्रति भारत सरकार को भी दी जाए. पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (एजीपी) खालिद जावेद खान ने अदालत को सूचित किया, “कमांडर जाधव ने अपने पहले के रुख को दोहराया है और अध्यादेश 2020 के तहत अपने अधिकार को लागू करने के बजाय क्षमादान के उपाय को आगे बढ़ाने को प्राथमिकता दी है.”

एजीपी खान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अभी भी कुलभूषण जाधव मामले पर भारतीय पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है, जबकि जाधव ने अपनी दया याचिका से बचने का विकल्प चुना है, जो पहले से ही पाकिस्तान के सेना प्रमुख के पास लंबित है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आईसीजे के फैसले को लागू करने की प्रक्रिया जारी रखे हुए है, लेकिन जाहिर है, भारत समीक्षा के अधिकार में बाधा डालने में व्यस्त है. खालिद जावेद खान ने अदालत से कहा कि आईसीजे के आदेशों का पालन करते हुए पाकिस्तान ने भारत को राजनयिक पहुंच (काउंसलर एक्सेस) दी. उन्होंने अदालत से यह भी कहा कि भारत ने वकील नियुक्त करने की पाकिस्तान की पेशकश का जवाब नहीं दिया है.

भारत को एक और मौका देते हुए इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया. अब अदालत में छह अक्टूबर को सुनवाई होगी. उल्लेखनीय है कि रिटायर्ड नौसैनिक अधिकारी जाधव पाकिस्तान की जेल में जासूसी के आरोप में बंद हैं और मौत की सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के लिए वकील की नियुक्त के मामले पर सुनवाई चल रही है.

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