Mahalakshmi Vrat 2020: महालक्ष्मी का व्रत विशेष फलदायी माना गया है. महालक्ष्मी का व्रत व्यक्ति के जीवन में धन, यश, वैभव और हर कार्य में सफलता लेकर आता है. इस व्रत को रखने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि जिस घर और प्रतिष्ठान में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है वहां धन की कभी कोई कमी नहीं रहती है और सदैव सकरात्मक ऊर्जा बनी रहती है जो व्यक्ति को सदैव आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है. महालक्ष्मी का यह व्रत घर की नकारात्मक ऊर्जा को भी नष्ट करने वाला माना गया है.

पंचांग के अनुसार महालक्ष्मी की पूजा आश्विन मास की कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली अष्टमी की तिथि में की जाती है. इसे गज लक्ष्मी की पूजा भी कहते हैं. इस दिन गज लक्ष्मी यानी हाथी पर बैठी महालक्ष्मी की पूजा करने का विधान बताया गया है. इस दिन व्रत रखकर लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है. विधि पूर्वक महालक्ष्मी की पूजा करने से सभी प्रकार की मनोकानाएं पूर्ण होती हैं.

महालक्ष्मी की पूजा ऐसे करें


पंचांग के अनुसार अष्टमी की तिथि पर महालक्ष्मी व्रत के दिन पूजा स्थल पर हल्दी से कमल का पुष्प बनाएं और उस पर मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें. पूजन के दौरान श्रीयंत्र और स्वर्ण आभूषण रखें. मान्यता है कि इस व्रत के दौरान मां लक्ष्मी के 8 रूपों की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है. पूजा के दौरान लक्ष्मी जी की आरती और लक्ष्मी मंत्रों का भी जाप करना चाहिए.

पूजा में पान के पत्ते और नारियल का प्रयोग करें


महालक्ष्मी के व्रत और पूजन में मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान स्थापित कलश में जल में गंगा जल की कुछ बूंदे मिलाएं. और कलश पर पान के पत्ते रखें. पत्तों के ऊपर जटा वाला नारियल रखें. ऐसा करने से सुख समृद्धि में वृद्धि होती है. इस दिन स्वर्ण खरीदने को भी शुभ माना गया है. इस दिन धन में वृद्धि होती है.

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