श्रीनगर: जम्मू कश्मीर प्रशासन ने रविवार को उत्तर प्रदेश काडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नीतीश्वर कुमार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा का प्रधान सचिव नियुक्त किया है. एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि 1996 बैच के आईएएस अधिकारी को केंद्र शासित प्रदेश में प्रतिनियुक्ति मिली थी जिसके बाद उन्हें उप राज्यपाल का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया.

कुमार ने 1992 बैच के आईएएस अधिकारी बिपुल पाठक का स्थान लिया है जिन्हें सूचना तकनीकी विभाग में प्रधान सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

महीनेभर पहले ही पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के नये उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ग्रहण की थी. वह पहले नेता हैं, जिन्होंने केंद्र शासित प्रदेश का प्रभार संभाला. जम्मू-कश्मीर की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने राज भवन में उन्हें पद की शपथ दिलाई. सिन्हा को ग्रामीण इलाकों में लोगों से उनके जुड़ाव के लिए जाना जाता है.

मनोज सिन्हा के बारे में जानें..
मनोज सिन्हा का जन्म 1 जुलाई, 1959 को मोहनपुरा (गाजीपुर, उत्तर प्रदेश) में हुआ था. प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से हुई, उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक किया. वे बीएचयू के विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष भी थे. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र संघ का अध्यक्ष बनने के साथ ही 1982 से उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई. वह 1996 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए और उन्होंने 1999 में दोबारा जीत हासिल की. सिन्हा 1989 से 1996 तक भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य रहे.

वह 2014 में लोकसभा चुनाव में भाजपा के सत्ता में आने पर तीसरी बार निचले सदन के लिए चुने गए. वह रेल राज्य मंत्री रहे हैं और बाद में उन्हें संचार मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार भी सौंपा गया था. मनोज सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हैं. वह पूर्व में गाजीपुर से सांसद रहे हैं और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के बड़े चेहरे हैं. हालांकि, 2019 का लोकसभा चुनाव वो हार गए थे.

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