Kanya Sankranti 2020: कन्या राशि में सूर्य का गोचर बहुत महत्वपूर्ण है. पंचांग के अनुसार सूर्य इस समय सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं. सिंह राशि में अपना यात्रा को पूर्ण करने के बाद सूर्य कन्या राशि में आएंगे. सूर्य का राशि परिवर्तन कन्या राशि पर क्या प्रभाव डालने जा रहा है, आइए जानते हैं.

कन्या संक्रांति
सूर्य जब किसी राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो इस प्रक्रिया को ही संक्रांति कहा जाता है. सूर्य सिंह राशि से अब कन्या राशि में आ रहा है. इसलिए इसे कन्या संक्रांति कहा जा रहा है. संक्रांति में दान और स्नान का विशेष महत्व बताया गया है. एक वर्ष में 12 संक्रांतियां होती हैं, जिसमें मकर संक्रांति को विशेष माना गया है.

सूर्य का स्वभाव
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को एक प्रभावी ग्रह माना गया है. सूर्य को आत्मा और ऊर्जा का कारक है. सूर्य जब व्यक्ति की जन्म कुंडली में शुभ होते हैं तो मान सम्मान, उच्च पद और धन प्रदान करते हैं. सूर्य प्रधान व्यक्ति में नेतृत्व करने की क्षमता पाई जाती है. ऐसे लोग दूसरों को आदेश देकर कार्य कराते हैं.

कन्या संक्रांति का समय
कन्या राशि में सूर्य 16 सितंबर 2020 को सायं 05 बजकर 07 मिनट पर प्रवेश करेगा. सूर्य कन्या राशि में पूरे माह तक रहेंगे.

कन्या राशिफल
कन्या राशि में सूर्य का गोचर मान सम्मान में वृद्धि करने वाला रहेगा. लेकिन इस दौरान आपकी वाणी कठोर हो सकती है. रक्त संबंधी दिक्कत भी हो सकती है. सूर्य कन्या राशि वालों को प्रमोशन भी प्रदान कर सकते हैं. जॉब के लिए संघर्ष करने वालों को लाभ होगा. शुभ समाचार मिल सकता है. जीवनसाथी से विवाद की स्थिति बन सकती है. इसलिए विशेष ध्यान रखें.

उपाय: कन्या राशि वालों को सूर्य का गोचर का पूर्ण लेना है तो रविवार के दिन सूर्य को जल चढ़ाएं. कन्या संक्रांति के दिन दान दें. पिता की सेवा करने से सूर्य अच्छे फल देते हैं. बुराई और किसी गलत आचरण से बचें.

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