नई दिल्ली: सुशांत सिंह के पिता के वकील विकास सिंह ने मुंबई पुलिस पर बेहद ही गंभीर आरोप लगाए हैं. विकास सिंह का कहना है कि मुंबई पुलिस ने सुशांत की मौत के मामले की जांच को नुकसान पहुंचाया है. इसका खुलासा अब सीबीआई और एनसीबी की जांच में होता जा रहा है. जिस तरीके से एनसीबी ने शुक्रवार को ड्रग्स के चलते रिया के भाई को गिरफ्तार किया है. उससे यह स्पष्ट है कि किस तरीके से मुंबई पुलिस इस मामले में तथ्यों को छुपाने का काम कर रही थी.

उन्होंने आगे कहा, मुंबई पुलिस ने सुशांत सिंह की मृत्यु के मामले में लगभग 40 से 50 दिन बर्बाद किए हैं, जो जांच के नजरिए से बेहद अहम थे. लेकिन अब जिस तरीके से सीबीआई और एनसीबी भी जांच कर रही है, उससे ऐसा लगता है कि आने वाले समय में कई और खुलासे हो सकते हैं या यह भी हो सकता है मामले के तार सीधे तौर पर ड्रग्स से भी जुड़ जाएं.

सुशांत का डॉक्टर बताने वाले मेडिकल काउंसिल के नियमों का रखे ध्यान
वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि कुछ डॉक्टर न्यूज चैनलों पर आकर खुद को सुशांत सिंह का डॉक्टर बताते हुए उनकी मेडिकल हिस्ट्री का बखान करते हैं. वह यह भी दावा करते हैं कि सुशांत सिंह की माता जी डिप्रेशन का शिकार थी, जिसकी वजह से सुशांत सिंह भी डिप्रेशन का शिकार हुए. जबकि यह दावा सरासर गलत है, क्योंकि सुशांत सिंह की माता जी का निधन ब्रेन हेमरेज से हुआ था. उन्हें कोई मानसिक रोग नहीं था. इसके अलावा मेडिकल काउंसिल एथिक्स यह बताता है कि कोई भी डॉक्टर अपने मरीज की मेडिकल हिस्ट्री सार्वजनिक न करे. बेहद अफसोस की बात है कि सुशांत सिंह मौत के मामले में ये डॉक्टर किसी भी तरीके का एथिक्स का पालन नहीं कर रहे हैं.

विकास सिंह ने उन तमाम डॉक्टरों को यह हिदायत भी दी है कि अगर उन्हें सुशांत सिंह की मेडिकल हिस्ट्री को लेकर कोई बात किसी न्यूज चैनल के सामने रखनी है तो इससे पहले वह सुशांत सिंह के परिवार से अनुमति ले और उन्हें इस बारे में बताएं.

रिया बार बार बदल रही है बयान
विकास सिंह ने एक बार फिर से रिया चक्रवर्ती पर बार-बार बयान बदलने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि शुरुआत से लेकर अब तक रिया ने मीडिया में जो जो स्टेटमेंट दिए हैं या जांच के दौरान भी वह जो जो बातें कर रही हैं, वह एक जैसी नहीं है. रिया समय-समय पर अपने बयान बदल रही है. इतना ही नहीं रिया ने मीडिया के सामने यह दावा किया था कि वह और सुशांत जब इटली घूमने गए थे, तो जिस होटल में ठहरे थे वहां पर एक पेंटिंग देखकर सुशांत डिप्रेशन में आ गए थे.

उन्होंने कहा, हमारे ऑफिस ने जब उस होटल से चेक किया तो मालूम हुआ है कि वहां पर ऐसी कोई भी पेंटिंग नहीं लगी है और अगर हम मान ले कि ऐसी कोई पेंटिंग है भी तो इस पेंटिंग को देखकर भी किसी को डिप्रेशन नहीं हो सकता क्योंकि जिस पेंटिंग का जिक्र किया था, उसमें एक पुरुष बच्चे को खा रहा है जबकि अगर मेडिकल साइंस की बात करें तो अगर कोई मां अपने बच्चे को इस तरीके से करती दिखे, तब उसका प्रभाव मनोदशा पर पड़ सकता है. इसलिए रिया जो भी बातें रख रही हैं वह सब गलत है.

सुशांत को ड्रग्स दिया जा रहा था
विकास सिंह ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो चुका है कि सुशांत सिंह को ड्रग्स दिया जा रहा था. सुशांत के परिवार को भी अब पता चला है, जब जांच में ड्रग्स की बात सामने आई है. अगर मुंबई पुलिस की बात करें तो साफ हो रहा है कि मुंबई पुलिस तथ्यों को छुपाने के लिए जांच को आगे नहीं बढ़ा रही थी. अब यह पता करना चाहिए कि सुशांत सिंह को ड्रग्स कैसे और कब से दी जा रही थी. हो सकता है कि सुशांत की हत्या की साजिश से ड्रग्स का भी लेना देना हो. इसलिए इस मामले में गंभीरता से जांच होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, कुछ जगहों पर ऐसा भी चल रहा है कि सुशांत ड्रग्स लेते थे, जो बेहद गलत है. सुशांत अब इस दुनिया में नहीं है और अपने ऊपर लग रहे अरोपों का जवाब नहीं दे सकते. क्रिमिनल कोड ऑफ लॉ में भी यह स्पष्ट है कि जो व्यक्ति जीवित न हो, उस की छवि खराब न की जाए.

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