पीएम मोदी की कैबिनेट ने 2 सितंबर को एक नए प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसका नाम है मिशन कर्मयोगी. इस मिशन के तहत सरकारी अधिकारियों के लिए नए तरह की ट्रेनिंग का प्रस्ताव रखा गया है, जिसपर अगले पांच साल में करीब 511 करोड़ रुपये खर्च होने हैं. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर तक ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है. अब ये मिशन कैसे काम करेगा, इस मिशन की वजह से देश की ब्यूरोक्रेसी में कितना बदलाव आएगा और कैसे इस मिशन के तहत करीब 45 लाख अधिकारियों को ट्रेंड किया जाएगा, जानने के लिए देखिए ये वीडियो.



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